आप लोगो ने विभिन्न गाड़ियों पर अलग-अलग नंबर प्लेट्स तो देखे ही होंगे, इन नंबर प्लेट्स के लिए काफी Rules And Regulations बनाये गए है। किसी भी नंबर प्लेट से आप ये जान सकते है कि यह गाड़ी किस राज्य के किस जिले के किस व्यक्ति की है।

नमस्कार दोस्तों, आज के इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे है कि नंबर प्लेट्स का क्या मतलब होता है साथ ही हम आपको बताएँगे नंबर प्लेट्स से जुड़े हुए कुछ Rules And Regulations के बारे में, नंबर प्लेट नियम के बारे में।
नंबर प्लेट्स का मतलब क्या होता है?
इस नंबर प्लेट में आप देख सकते है इसपर लिखा हुआ है KA 19 P 8488. नंबर प्लेट पर लिखे हुये हर Letter या नंबर का एक मतलब होता है, सबसे पहले 2 Letters होते है जो यह बताते है कि यह गाड़ी किस राज्य का है जैसे कि इस नंबर प्लेट पर KA लिखा है इसका मतलब ये गाड़ी कर्नाटक राज्य का है।
इसके बाद 2 नंबर होते है जो यह बताते है कि ये गाड़ी किस जिले के RTO में रजिस्टर किया गया है। जैसे कि इस नंबर प्लेट में 19 लिखा हुआ है इसका मतलब यह गाड़ी कर्नाटक राज्य के मंगलौर जिले के RTO में रजिस्टर किया गया है।
इसके बाद एक, दो या तीन Letters होते है जो एक Serial नंबर होता है जिससे ये पता चलता है कि इस गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की Detail कंप्यूटर के किस Directory में Save किया गया है।
इसके बाद चार नंबर होते है जो कि यूनिक नंबर होते है, ये हर गाड़ी में अलग-अलग होते है। अगर आप दिल्ली के गाड़ियों की नंबर प्लेट्स को देखे तो उसमे आपको RTO कोड के साथ एक Letter भी लिखा हुआ मिलेगा।
जैसा कि इस नंबर प्लेट में 7 के साथ S लिखा हुआ है तो ये Letter यह बताता है कि ये गाड़ी किस Type की है जैसा कि S दो पहिया बाइक के लिए इस्तेमाल किया जाता है, C कार के लिए इस्तेमाल किया जाता है, P पब्लिक पैसेंजर गाड़ियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जैसे बस वगैरह, R को तीन पहिया रिक्शा के लिए इस्तेमाल किया जाता है, T को टूरिस्ट लाइसेंस्ड गाड़ियों और टैक्सी के लिए इस्तेमाल किया जाता है और V को पिक अप ट्रक या वैन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जबकि Y को Higher Vehicles के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
अलग-अलग रंग के नंबर प्लेट्स का मतलब क्या होता है?
- 1) सफ़ेद रंग के नंबर प्लेट जिसपर काले रंग से नंबर लिखे हुये होते है वो पर्सनल गाड़ी होती है और उसका इस्तेमाल कमर्शियल गाड़ी के तौर पर नही किया जा सकता है।
- 2) पीले रंग के नंबर प्लेट पर काले रंग से नंबर लिखे हुए हो तो समझ लेना चाहिए कि ये कमर्शियल गाड़ी है और इसका इस्तेमाल कमर्शियली किया जाता है जैसे कि ट्रक, बस, टैक्सी, Ola, Uber वगैरह।
- 3) काले रंग की नंबर प्लेट, जिन कारो में काले रंग की नंबर प्लेट होती है और उसपर पीले रंग से नंबर लिखा हुआ होता है, ये कारे भी कमर्शियल होती है लेकिन ये सेल्फ ड्राइव के लिए दिए जाते है जैसे कि Zoomcar.
- 4) रेड कलर नम्बर प्लेट, अगर किसी गाड़ी में लाल रंग की नंबर प्लेट लगी मिले तो समझ जाना चाहिए कि ये भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल की गाड़ी है।
- 5) ब्लू कलर नंबर प्लेट, नीले रंग की नंबर प्लेट फॉरेन अम्बेसी की होती है। नीले रंग की इस नंबर प्लेट पर सफ़ेद रंग से नंबर लिखे होते है।
- 6) Aero Number Plate : इस तरह की नंबर प्लेट वाली गाड़ी Military Vehicles होते है, ऐसी गाड़ियों की नंबर प्लेट पर एक तीर का निशान होता है जिसे Broad Arrow कहा जाता है। तीर के बाद के पहले दो नंबर उस साल को दर्शाते है जिसमे सेना ने उस गाड़ी को खरीदा था यह नंबर 11 अंको का होता है।
नंबर प्लेट के Rules क्या होते है?
The Central Motor Vehicles Act 1989, Section 50D में ये स्पष्ट किया गया है कि नंबर प्लेट सिर्फ इंग्लिश लैंग्वेज में होनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इंग्लिश लैंग्वेज को छोड़ किसी दूसरे लैंग्वेज में नंबर लिखवाता है तो यह एक जुर्म/क्राइम है और उसे इसके लिए जुर्माना देना पड़ सकता है।
इसके साथ ही ये प्रावधान भी किया गया है कि जो प्राइवेट गाड़िया है उसके बैकग्राउंड को सफ़ेद रखा जायेगा और उसके ऊपर काले रंग से नंबर लिखे जायेंगे। जो कमर्शियल गाड़िया है उसके बैकग्राउंड को पीला रखा जायेगा और उसपर भी काले रंग से नंबर लिखे जायेंगे।
नंबर प्लेट Simple Font में स्पष्ट लिखे हुए होने चाहिए, Font में किसी भी तरह की डिज़ाइन या स्टाइल देने की इजाज़त नही है। कुछ लोग क्या करते है कि गाड़ी के पिछले प्लेट पर तो नंबर लिखवा लेते है लेकिन अगले प्लेट पर Doctor, Advocate, जय माता दी या इसी तरह से कुछ और लिखवा लेते है, आपको बता दे ये भी illegal है और इसपर भी आपको जुर्माना देना पड़ सकता है।
दोस्तों, गाड़ियों की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अलग-अलग जुर्माने तय है इसीलिए अगर आपकी गाड़ी में भी नंबर प्लेट लगाने में कोई गलती हुई हो तो उसे सुधार ले। क्या पता कल को आपको इसके लिए जुर्माना भी देना पड़ सकता है, इसीलिए वक़्त रहते सुधार ले।
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